उन्होंने सोमवार को तेहरान में ईरानी और विदेशी पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मैं समझता हूं कि आज ईरान के विरुद्ध जितना वाशिंग्टन एकमत है उतना इतिहास में कभी भी नहीं रहा है। उनका कहना था कि अमरीका के इतिहास में ट्रम्प जैसा राष्ट्रपति राजनैतिक और आर्थिक दृष्टि से सबसे मज़बूत देश की सत्ता में नहीं आया। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि आर्थिक आतंकवाद आज की एक सच्चाई है, आर्थिक आतंकवाद अर्थात आप आम लोगों को निशाना बनाएं इस उम्मीद के साथ कि आप की नीतियों को लागू करें।
विदेशमंत्री ने कहा कि अमरीकी सरकार ने आधिकारिक रूप से घोषणा कर दी है कि यदि ईरानी जनता रोटी खाना चाहती है तो उसे अपनी नीतियों को बदलना होगा। उन्होंने कहा कि अमरीका सैन्य क्षेत्र में बड़ी शक्ति है किन्तु वह आज सैन्य गठबंधन बनाने में बुरी तरह विफल रहा है।
विदेशमंत्री ने बल दिया कि आज अमरीका पुरी दुनिया में अकेल पड़ चुका है, अमरीका की अब यह हालत है कि वह एक गठबंधन नहीं बना सकता, दूसरे देश, अमरीका के साथ अपना नाम जोड़ जाने से अपमान महसूस कर रहे हैं, उसने जहां भी क़दम रखा अशांति पैदा कर दी, उसने 18 साल पहले अफ़ग़ानिस्तान पर चढ़ाई की और अब तक बेइज़्ज़ती से तालेबान के साथ वार्ता कर रहा है।
अमरीकी वित्तमंत्रालय ने पिछले सप्ताह ईरान के विदेशमंत्री की सक्रिय कूटनीति से तंग आकर उनको ब्लैक लिस्ट कर दिया था। इससे विदेशमंत्री ने चुटकी लेते हुए अमरीकी अधिकारियों से कहा कि उनकी और उनके परिजनों की विदेश में कोई संपत्ति नहीं है। प्रतिबंधों से उन पर कोई असर नहीं पड़ेगा और उनकी आवाज़ दबाई नहीं जा सकती। विदेशमंत्री पर प्रतिबंध लगाने का मुख्य लक्ष्य, जवाद ज़रीफ़ की आवाज़ रोकना था क्योंकि उनके बयानों और उनके भाषणों ने अमरीका में तबाही मचा दी है।